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Sun Meri Baat Lyrics - Anushka Sen
PunjabiLyrics & meaning

Sammi Meri Waar (Cover)

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Sun Meri Baat Lyrics

Sammi Meri Waar (Cover) by Shanzy Sial and Mohsin Lashari is a rendition of the traditional Punjabi folk song, released on May 2, 2026. It begins with “raataan lammiyan kaaliyan,” where the long, dark nights bring out the restlessness of waiting for someone. The following line, “ghadiyan umraan…

Lyric explanations

Word meaningSammi

Cultural context

सम्मी पंजाबी लोक-परंपरा की एक ऐसी स्त्री-छवि है, जिसके साथ प्रेम, इंतज़ार और जुदाई की कई कहानियाँ जुड़ी हुई हैं। वह कौन थी, इस बारे में कोई एक तय कथा नहीं मिलती।
एक पंजाबी लोककथा में सम्मी एक साधारण युवती है, जिसका प्रिय ढोल उससे दूर चला जाता है। उसके इंतज़ार में वह गाती और नाचती रहती है। यही विरह बाद में सम्मी लोक-नृत्य और उससे जुड़े गीतों की पहचान बन गया।

एक दूसरी कथा में सम्मी को मारवाड़ की राजकुमारी बताया गया है। Punjabi University की सामग्री में उसे राजा सूरसेन की बेटी और ढोल को नरवर का राजकुमार बताया गया है। वहीं NCERT में दर्ज एक दूसरी लोककथा सम्मी का संबंध राजकुमार सुचकुमार से जोड़ती है।

सम्मी की कथा का एक रिश्ता पुराने ढोला-मारू लोकप्रेम से भी जोड़ा जाता है। राजस्थान की मारू या मारवणी कई पंजाबी रूपों में सम्मी के रूप में दिखाई देती है। इस कहानी में वह लंबे समय तक ढोला से बिछड़ी रहती है। दोनों के मिलने के बाद वापसी के रास्ते में मारू को साँप काट लेता है और वह मृत-सी हो जाती है। एक प्रसिद्ध रूप में बाद में एक योगी उसे फिर जीवित कर देता है।

इन कथाओं का रूप जगह-जगह बदलता रहा, क्योंकि वे लंबे समय तक लोगों की ज़ुबान से आगे बढ़ीं। कहीं नाम बदले, कहीं रिश्ते और घटनाएँ। लेकिन एक बात लगभग हर रूप में बनी रही, सम्मी उस स्त्री की छवि है जो अपने प्रिय के लौटने का इंतज़ार कर रही है।

इसी वजह से पुराने सम्मी गीतों में बार-बार लंबी रातें, दरवाज़े की ओर देखना, दूर गया प्रिय और उसके लिए रखा खाना जैसे भाव मिलते हैं। गीत की ये पंक्तियाँ उसी पुराने विरह-लोक से जुड़ी हुई लगती हैं।

Sources:
PunjabiPedia, Punjabi University – Sammi
NCERT – Sammi folk tradition
Asian Ethnology – Dhola: A North Indian Folk Genre
Sahapedia – Dhola-Maru tradition

Word meaningChubare

Hindi Meaning

चुबारा / चौबारा आम तौर पर घर की ऊपरी मंज़िल पर बने खुले या हवादार कमरे/बैठक की जगह को कहते हैं।

Line explanationSammi meri waar, main vaari

Cultural context

पुराने सम्मी लोकगीतों में यह पंक्ति “Sammi meri van” (ਸੰਮੀ ਮੇਰੀ ਵਣ) के रूप में मिलती है। आज इसे अक्सर “Sammi meri waar” (ਸੰਮੀ ਮੇਰੀ ਵਾਰ) लिखा और गाया जाता है, लेकिन दोनों को एक ही अर्थ में समझना सही नहीं है।
ख़ास तौर पर “Sammi meri waar” का अर्थ “सम्मी, अब मेरी बारी है” नहीं होता। पुराने लोकगीत में यहाँ शब्द ਵਣ (van) है, जबकि “बारी”, “दफ़ा” या “मौक़ा” वाले अर्थ के लिए पंजाबी में ਵਾਰ (vaar) आता है।

Punjabi University के शब्दकोश में ਵਣ का एक पुराना प्रयोग दर्ज है, जिसका इस्तेमाल किसी लड़की को पुकारने या संबोधित करने के लिए किया जाता था, लगभग ਨੀ (ni) की तरह। दिलचस्प बात यह है कि शब्दकोश इसी अर्थ को समझाने के लिए उदाहरण भी “ਸੰਮੀ ਮੇਰੀ ਵਣ” का देता है।

पुराने सम्मी गीतों और लोक-नृत्य से जुड़े विवरणों में भी यही रूप बार-बार मिलता है। कहीं “ਸੰਮੀ ਮੇਰੀ ਵਣ”, तो कहीं “ਵਣ ਸੰਮੀਆਂ”। इससे साफ़ होता है कि यहाँ ਵਣ कोई “बारी” वाला शब्द नहीं, बल्कि पुराने बोलचाल का संबोधन है।

बाद के समय में यह पुराना क्षेत्रीय शब्द आम भाषा से लगभग गायब हो गया। सम्भव है कि सुनते-सुनते लोगों ने van को ज़्यादा परिचित शब्द vaar समझ लिया हो। लोकगीतों में ऐसा होना असामान्य नहीं है, क्योंकि वे लंबे समय तक लिखित रूप से नहीं, बल्कि सुनकर और गाकर आगे बढ़ते रहे। शब्द की असली ध्वनि बची रह सकती है, जबकि उसकी वर्तनी और उससे जोड़ा गया अर्थ बदल जाता है।

इसी वजह से आज “Sammi Meri Waar” वाला रूप ज़्यादा जाना जाता है, जबकि पुराने स्रोतों में पंक्ति इस तरह दर्ज है: ਸੰਮੀ ਮੇਰੀ ਵਣ, ਮੈਂ ਵਾਰੀ ਮੈਂ ਵਾਰੀ ਮੇਰੀ ਸੰਮੀਏ, इसलिए “Sammi meri van” का भाव “ओ मेरी सम्मी”, “मेरी सम्मी” या प्यार से सम्मी को पुकारने जैसा है। वहीं गीत की पंक्ति “pehli-pehli vaar” में आने वाला ਵਾਰ सच में “पहली बार” वाले अर्थ में है।

Sources:
Punjabi University Punjabi Dictionary – ਵਣ
PunjabiPedia, Punjabi University – Sammi folk tradition
Punjab De Lok Nach – traditional Sammi refrain
Shafaullah Khan Rokhri – Sammi Meri Waar
Coke Studio – Sammi Meri Waar

FULL DETAILS

Song credits

Performed by Shanzy Sial, Mohsin Lashari
Written by Traditional/Folk
Music by Mohsin Lashari
Genre Punjabi Pop
Released May 2, 2026