
Musafari
Musafari Lyrics
Musafari जीवन को एक ऐसी मुसाफ़िरी की तरह देखता है जिसका अंत एक दिन निश्चित है, लेकिन इंसान अक्सर इस सच को भूलकर रिश्तों, सुख-सुविधाओं और जमा की हुई चीज़ों को ही अपना मान बैठता है। Jainam Varia और Jinanshi Mehta की आवाज़ में गाया गया यह जैन…
Musafari जीवन को एक ऐसी मुसाफ़िरी की तरह देखता है जिसका अंत एक दिन निश्चित है, लेकिन इंसान अक्सर इस सच को भूलकर रिश्तों, सुख-सुविधाओं और जमा की हुई चीज़ों को ही अपना मान बैठता है। Jainam Varia और Jinanshi Mehta की आवाज़ में गाया गया यह जैन आध्यात्मिक गीत बहुत सहज ढंग से याद दिलाता है कि आत्मा का इस संसार में ठहराव हमेशा के लिए नहीं है। शुरुआत में आया “पंखीडो” इसी आत्मा का रूपक है, जो न जाने किस पल शरीर छोड़कर उड़ जाए। उसके बाद जो कुछ इकट्ठा किया, जिन लोगों को अपना समझा और जिन चीज़ों के पीछे जीवन लगा दिया, सब यहीं रह जाना है।
Niyush Mehta के लिखे बोलों में जैन दर्शन से जुड़े कई भाव स्वाभाविक रूप से दिखाई देते हैं, खासकर कर्म, आत्मा, सांसारिक मोह से दूरी और अपने “स्व” को पहचानने की बात। गीत यह नहीं कहता कि जीवन के सुख अपने आप में गलत हैं, बल्कि बार-बार इस ओर ध्यान खींचता है कि उनमें इतना न खो जाएँ कि अपने वास्तविक स्वरूप को ही भूल बैठें। कभी धूप, कभी छाँव, कभी मुश्किल और कभी संपत्ति का सुख, ये बदलती परिस्थितियाँ यहाँ कर्मों की लीला के रूप में देखी गई हैं।
Musafari Lyrics का सबसे असरदार हिस्सा शायद वह है जहाँ अंतिम यात्रा की तस्वीर सामने आती है। इंसान खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही जाता है; अपने कहे जाने वाले लोग भी अंतिम विदाई देकर लौट जाते हैं। “साथ लकड़ियाँ हैं” जैसी सीधी पंक्ति मृत्यु के सच को बिना घुमाए सामने रख देती है। वहीं हाथों में भरे पानी के धीरे-धीरे निकल जाने की तस्वीर समय और जीवन के लगातार बीतते जाने को बेहद सरल ढंग से समझाती है।
गीत आगे बढ़ते-बढ़ते केवल मृत्यु की याद दिलाने वाला गीत नहीं रह जाता। उसका रुख भीतर की ओर मुड़ जाता है। बाहर बहुत भटक लेने के बाद आत्मा थक चुकी है और अब नाथ की शरण तथा अपने “स्व” की ओर लौटना चाहती है। “मंज़िल तेरी खुद में” इसी बदलाव का केंद्र है। जिस शांति और मंज़िल को इंसान संसार में खोज रहा था, उसकी राह आखिरकार अपने भीतर मिलती है। Hardik Pasad का संगीत भी इस चिंतनशील भाव को शांत तरीके से संभालता है। 18 मार्च 2025 को रिलीज़ हुआ Musafari इसी वजह से एक जैन गीत होने के साथ-साथ जीवन की नश्वरता, कर्म और आत्म-बोध पर किया गया एक गहरा आत्मचिंतन भी बन जाता है।
Pankhido kyare udi jaashe
यह पंछी यानी आत्मा कब उड़ जाएगी
Karelu bhego, chhuti jashe pal ma
जो कुछ भी जोड़कर रखा है, वह पल भर में छूट जाएगा
Musafari ghani kari
बहुत लंबा सफ़र कर लिया
Thaki gayo aatma
अब आत्मा थक गई है
Swa ne bhooli, maja maani
अपने असली स्वरूप को भूलकर, दुनिया के सुख भोगे
Vasavu chhe jaat ma
अब अपने ही भीतर लौटकर बसना है
Paltaayi jashe rango badha
जीवन के ये सारे रंग बदल जाएँगे
Chhuti jashe sango badha, pal ma
सारे रिश्ते और साथ पल भर में छूट जाएँगे
Pankhido kyare udi jaashe
यह पंछी यानी आत्मा कब उड़ जाएगी
Karelu bhego, chhuti jashe pal ma
जो कुछ भी जोड़कर रखा है, वह पल भर में छूट जाएगा
Ek din chaali javanu re
एक दिन यहाँ से चले ही जाना है
Na kun aave haare, saathe laakda chhe
कोई साथ नहीं आएगा, साथ तो बस चिता की लकड़ियाँ जाएँगी
Khaali aavela jhola
खाली झोली लेकर आए थे
Khaalij javana chhe, yaad rahe
खाली ही जाना है, यह याद रखना
Anjal jodi, sahu paachha vale
हाथ जोड़कर सब लौट जाएँगे
Koi saathe aave na
कोई तुम्हारे साथ नहीं आएगा
Kon maata, kon pita
फिर कौन माँ और कौन पिता
Koi saathe aave na
कोई तुम्हारे साथ नहीं आएगा
Pankhido kyare udi jaashe
यह पंछी यानी आत्मा कब उड़ जाएगी
Karelu bhego, chhuti jashe pal ma
जो कुछ भी जोड़कर रखा है, वह पल भर में छूट जाएगा
Kadi tadkaane, kadi chhaayda
कभी धूप है, तो कभी छाँव
Kadi aapatti ne saja
कभी मुसीबत है, तो कभी सज़ा
Kadi saanjh hoye, toh kadi savaar
कभी साँझ है, तो कभी सवेरा
Kadi sampatti ne maja
कभी धन-दौलत है, तो उसके सुख
Karmoni chhe aa badhi leela
यह सब हमारे कर्मों का ही खेल है
Tu munjaave sha
फिर तू इतना उलझता क्यों है
Manzil taari, khud ma tu paame
तेरी मंज़िल तो तेरे अपने भीतर ही मिलेगी
Bhatki rahyo chhe sha
फिर तू भटक क्यों रहा है
Tu bhatki rahyo chhe sha
तू आखिर भटक क्यों रहा है
Musafari ghani kari
बहुत लंबा सफ़र कर लिया
Sharane aavi chhu, Nath
अब तेरी शरण में आया हूँ, हे नाथ
Swa ne bhooli, maja maani
अपने असली स्वरूप को भूलकर, दुनिया के सुख भोगे
Sweekari leje ne, Nath
अब मुझे स्वीकार कर लो, हे नाथ
Kathin laage chhe maari dagar
मुझे अपनी राह बहुत कठिन लगती है
Paar karu hu kem, taare vagar, hey Nath
तेरे बिना मैं इसे पार कैसे करूँ, हे नाथ
Pankhido kyare udi jaashe
यह पंछी यानी आत्मा कब उड़ जाएगी
Karelu bhego, chhuti jashe pal ma
जो कुछ भी जोड़कर रखा है, वह पल भर में छूट जाएगा
Thaki gayo chhu, ghanu bhami ne re
बहुत भटकते-भटकते अब मैं थक गया हूँ
Haathe bharelu paani, nisartu jaaye re
हथेली में भरा पानी जैसे धीरे-धीरे फिसलता जाता है
Saacho maarg mujhne, maara Nath no janaye re
अब मुझे मेरे नाथ का सच्चा मार्ग दिखाई दे
Aa musafari no ant ahi chhe
मेरी यह भटकती हुई यात्रा अब यहीं समाप्त होती है
Swa ne paamvani raah mali chhe
मुझे अपने असली स्वरूप को पाने की राह मिल गई है
Aa musafari no ant ahi chhe
मेरी यह भटकती हुई यात्रा अब यहीं समाप्त होती है
Swa ne paamvani raah mali chhe
मुझे अपने असली स्वरूप को पाने की राह मिल गई है
Pankhido kyare udi jaashe
यह पंछी यानी आत्मा कब उड़ जाएगी
Karelu bhego, chhuti jashe pal ma
जो कुछ भी जोड़कर रखा है, वह पल भर में छूट जाएगा
Lyric explanations
Word meaningPankhido
Hindi Meaning
“पंखीडो” का अर्थ छोटा पक्षी या पंछी होता है। इस गीत में यह पंछी आत्मा का प्रतीक है, जो शरीर को कभी भी छोड़कर जा सकती है।
Word meaningSwa
Hindi Meaning
“स्व” का अर्थ केवल “खुद” नहीं, बल्कि अपना असली स्वरूप या आत्मस्वरूप है। यहाँ बात अपने भीतर के वास्तविक अस्तित्व को पहचानने की हो रही है।
Word meaningNa kun aave haare
Hindi Meaning
यहाँ “हारे” का अर्थ “साथ” है। पंक्ति का भाव है कि मृत्यु के बाद कोई भी व्यक्ति हमारे साथ आगे नहीं जाता।
Word meaningSaathe laakda chhe
Hindi Meaning
यहाँ “लकड़ियाँ” चिता की लकड़ियों की ओर संकेत करती हैं। इसका भाव है कि अंतिम यात्रा में इंसान के साथ अंततः केवल उसका शरीर और चिता तक की व्यवस्था ही जाती है।
Word meaningAnjal jodi
Hindi Meaning
“अंजल जोड़ना” यानी हाथ जोड़ना। यहाँ यह अंतिम विदाई और सम्मान का भाव दिखाता है, जिसके बाद सभी अपने-अपने घर लौट जाते हैं।
Word meaningGhanu bhami ne re
Hindi Meaning
“भमवूँ” का अर्थ बहुत भटकना या इधर-उधर घूमना है। यहाँ इसका भाव जीवन भर बाहर तलाश करते-करते थक जाने से है।
Line explanationVasavu chhe jaat ma
Hindi Meaning
इसका भाव है अपने ही भीतर लौटकर बसना। यानी बाहरी दुनिया के सुखों में भटकने के बजाय अपने असली स्वरूप में टिक जाना।
Line explanationKarmoni chhe aa badhi leela
Hindi Meaning
इसका अर्थ है कि जीवन में मिलने वाला सुख, दुख, कठिनाई और संपत्ति, सब कर्मों के प्रभाव का हिस्सा हैं। “लीला” यहाँ जीवन के बदलते खेल या घटनाक्रम के अर्थ में आया है।
Line explanationTu munjaave sha
Hindi Meaning
“मूंजावूँ” का अर्थ उलझना, परेशान होना या भ्रम में पड़ना है। पंक्ति पूछती है कि जब यह सब कर्मों का खेल है, तो तू इतना उलझ क्यों रहा है।
Line explanationManzil taari, khud ma tu paame
Hindi Meaning
इस पंक्ति का आध्यात्मिक भाव यह है कि जिस मंज़िल या शांति को इंसान बाहर खोजता है, वह असल में उसके अपने भीतर ही मौजूद है।
Line explanationHaathe bharelu paani, nisartu jaaye re
Hindi Meaning
हाथों में भरा पानी धीरे-धीरे फिसलकर निकल जाता है। यह पंक्ति समय और जीवन के हाथ से निकलते जाने का रूपक है।
Line explanationSwa ne paamvani raah mali chhe
Hindi Meaning
इसका अर्थ अपने असली स्वरूप को पहचानने की राह मिलना है। यहाँ बात आत्म-बोध या आत्म-साक्षात्कार की दिशा मिलने की हो रही है।
FULL DETAILS
Song credits
| Performed by | Jainam Varia, Jinanshi Mehta |
|---|---|
| Written by | Niyush Mehta |
| Music by | Hardik Pasad |
| Genre | Regional Indian |
| Released | March 18, 2025 |





